Tuesday, August 15, 2017

15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस

भारत में प्रतिवर्ष स्वतंत्रता दिवस / इंडिपेंडेंस डे 15 अगस्त को बहुत ही उत्साह और गौरव के साथ मनाया जाता है। यह दिन भारत और भारत के हर एक स्वतंत्र व्यक्ति के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण दिन होता है। इस दिन भारत को कई वर्षों के ब्रिटिश राज के बाद पूर्ण स्वतंत्रता मिली थी।
यह दिन पुरे भारत में राष्ट्रीय और राजपत्रित अवकाश के रूप में मनाया जाता है ताकि भारत के सभी नागरिक इस दिन को स्वतंत्रता के साथ मन सकें। भारत 15 अगस्त 1947 को ब्रिटिश शासन से आज़ाद हुआ था।


Independence Day

India celebrates Independence Day on August 15 each year. India became an independent nation on August 15, 1947, so a gazetted holiday is held annually to remember this date.





ISKON Temple Janmashtami Celebration







Tuesday, August 1, 2017

Shah Rukh Khan, Anushka Sharma in Varanasi To Promote Jab Harry Met Sejal

Shah Rukh Khan and Anushka Sharma visited Varanasi to promote their upcoming movie Jab Harry Met Sejal. Shah Rukh enthralled the crowd that had gathered to cheer for both the actors. Shah Rukh and Anushka indulged in some fun activities while promoting the movie. SRK’s production house Red Chillies Entertainment shared some pictures and videos on Twitter that suggest that the duo enjoyed their Varanasi trip. Both the stars tasted some betel leaves as their legions of fans watched. Shah Rukh entertained the audience when he mouthed dialogues from Raees and Devdas too. The actor also took to Twitter to share some pictures and wrote,”Harry, Sejal & Imtiaz had a great time in Varanasi… thank u all for coming & big thanks to @ManojTiwariMP 















Friday, July 28, 2017

नागेश्वर महादेव जैतपुरा

जैतपुरा, वाराणसी स्थित नागकुआँ में 45 फ़ीट की गहराई में स्थित नागेश्वर महादेव के दुर्लभ दर्शन प्राप्त हुए। विदित हो नाग पंचमी से पूर्व नागकूप कुंड का सम्पूर्ण जल निकाल कर सफाई की जाती है, और यही नागेश्वर महादेव के दर्शन का वर्ष में एक बार अवसर होता है। आज रातभर मे कूप के अंदर से निकलने वाले भूमिगत सोते के जल से कूप पुनः भर जाएगा।
नागकुआँ के संरक्षक कुंदन पांडेय ने बताया कि इसी स्थल पर महर्षि पतंजलि ने योगसूत्र की रचना की थी। संवत 1 में इस कूप के जीणोद्धार का उल्लेख ऐतिहासिक ग्रंथों में है। इस कुंड के जल का आचमन करने मात्र से काल सर्पदोष से मुक्ति मिल जाती है।