Saturday, February 10, 2018

Shooltankeshwar Mahadev

Varanasi, Banares or Kashi, resting atop the trident of Lord Shiva, is the oldest living city with multi-layered heritage and beautifully architecture long string of ghats washed by the sanctifying water of the Ganges.At this holy confluence of Lord Shiva and the sacred Ganges. 
A few miles away from the din and bustle of the city, its marvelous river view and beautifully landscaped tropical gardens, is nestled nestled in the natural surroundings of the quiet hamlet of Madhopur Village, the site of world famous Shrine of SHOOL TANKESHWAR MAHADEVA (another name for Shiva). Besides the religion-mystical significance of this Hindu temple as mentioned in Purans.



शूलटंकेश्वर महादेव

शूलटंकेश्वर महादेव मंदिर काशी के पुरातन मंदिरॊ मॆ सॆ एक है। इस मंदिर का उल्लॆख " काशी खंड" मॆ भी मिलता है यह मंदिर कैन्टस्टेशन से लगभग 16 कि॰मी॰ दूरी  दक्षिण वाराणसी ग्राम- माधोपुर  मे स्थित है। शिवलिंग से बने अति भव्य इस मंदिर के  एक तरफ "गंगा नदी" है।गंगा नदी यहाँ  से  वाराणसी नगर मॆ प्रवेश करती  है।, जो अपनी मूल सुन्दरता , पवित्र जल से वाराणसी को शुद्ध करती  है। इस मंदिर मे भगवान शिव  के शिवलिंग रूप मे विरजमान है। इस मंदिर मे बाबा हनुमान ,माता पार्वती, गणेश जी,   माँ सिद्धिदात्री मां दुर्गा,श्री राधे कृष्णा एवं प्रभु श्री राम सीता की मूतिॅ रूप मे अलग से मंदिर है। यहाँ मांगलिक कायॅ एवं मुंडन इत्यादि मे भोले नाथ के दशॅन कॆ लिये आतॆ है। मंदिर के अंदर हवन कुंड है, जहाँ  हवन होते है। कुछ लोग यहाँ तंत्र पूजा भी करते है। सावन महिने मे एक माह एवं  शिवरात्रि का बहुत बड़ा मनमोहक मेला लगता है।



Monday, December 25, 2017

हॉट एयर बलून से निहारिए अस्सी घाट

बनारस में 10 दिनों तक चलने वाले हॉट एयर बलून उत्सव की शुरुआत हो चुकी है. अब लोग कम पैसे में आसमान से वाराणसी की खूबसूरती को देख सकेंगे. हॉट एयर बलून में बैठकर अस्सी घाट को निहारने का आनंद ही अलग है.
हालांकि रविवार से वाराणसी में हॉट एयर बलून का सिर्फ ट्रायल शुरू हुआ है, लेकिन जल्द ही आम लोग इसका मज़ा ले सकेंगे. वाराणसी के अस्सी घाट पर अलगे 10 दिनों तक हॉट एयर बलून का ट्रायल चलेगा, उसके बाद इसकी औपचारिक शुरुआत हो जाएगी. रविवार को अस्सी घाट पर हॉट एयर बलून का सफल ट्रायल किया गया. हॉट एयर बलून को देखने के लिए सुबह से ही अस्सी घाट पर लोगो की भीड़ जमा हो गई थी, वहीं आम लोगों के साथ अस्सी घाट पर मौजूद पर्यटक भी इसे देखने के लिए वहां जुटे रहे. ख़ास बात ये है कि हॉट एयर बलून से काशी में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, क्योंकि हॉट एयर बलून की सवारी से आप गंगा की लहरों से 100 फ़ीट ऊपर की ऊंचाई से घाटों को देख सकते हैं. इस व्यू से काशी का आपको अलग ही नज़ारा दिखेगा.
सहायक पर्यटन अधिकारी विकास नारायण ने बताया कि हॉट एयर बलून की मदद से पर्यटक गंगा की लहरों पर 100 फ़ीट की ऊंचाई से एडवेंचर भरे सफर करेंगे और वाराणसी की प्राचीनता और ऐतिहासिकता की खूबसरती को आसमान से देख सकेंगे. सहायक पर्यटन अधिकारी ने बताया कि हॉट एयर बलून में एक बार में पांच लोग बैठ सकेंगे और लोगों की जेब का ख्याल रखते हुए टिकट 500 रुपये पर पर्सन ही रखा गया है. पर्यटन विभाग की इस पहल के बाद काशीवासियों और पर्यटकों में खासा उत्साह है, और वो एक बार हॉट एयर बलून की एडवेंचर्स सवारी ज़रूर करना चाहते हैं.


बीएचयू के मालवीय भवन में फूलों की पुष्प प्रदर्शनी

भारत रत्न महामना पं.मदन मोहन मालवीय की जयन्ती पर सोमवार को उनकी कर्मस्थली काशी हिन्दू विश्वविद्वालय परिसर में चहुंओर उनके प्रति श्रद्धा उफान मारती रही। इस मौके पर परिसर स्थित मालवीय भवन में पुष्प प्रदर्शनी का शुभारंभ हुआ। प्रदर्शनी का उद्घाटन चिकित्सा विज्ञान संस्थान के निदेशक प्रो.वी.के.शुक्ल ने किया।
प्रदर्शनी के चलते परिसर में रंग-बिरंगे विभिन्न प्रजातियों के फूलों से स्वर्ग जमीन पर उतरने का एहसास हो रहा था। इस अद्भुत फूलों की प्रदर्शनी देखने के लिए पूरा शहर उमड़ पड़ा। इस दौरान 5000 से अधिक पुष्प की प्रजातियों के साथ गुलदावदी के कटे फूल, गुलाब के कटे फूल लीलियम, जरेबरा, कार्नेशन, ग्लैडियोलस, रजनीगंधा, बर्ड आॅफ पैराडाईज, गेंदा, गुलाब आदि पुश्पों के गमलें, रिफ्लैक्स्ड, इनकवर्ड, इनकर्विंग, स्पाइडर, पोममौन, स्पून, एनिमोन के फूल आकर्षण के केन्द्र बने रहे।
पुष्प प्रदशनी आयोजन के सचिव प्रोफेसर इंचार्ज अनिल कुमार सिंह ने बताया कि मालवीय स्मृति पुष्प प्रदर्शनी में गुलदावदी के गमले एवं फूलों के संग्रह, कोलियस, विभिन्न प्रकार के शोभाकारी पौधे एवं रंगीन पत्तियों के समूह भी शामिल है। प्रदर्शनी में सबसे सुन्दर गुलाब किंग आफ दी शो, सबसे सुन्दर द्वितीय गुलाब क्वीन आफ दी शो, प्रदर्शनी का सबसे सुन्दर तृतीय गुलाब प्रिंस आफ दी शो तथा प्रर्दशनी का सबसे सुन्दर चतुर्थ गुलाब प्रिंसेस आफ दी शो मुख्य आकर्षण का केन्द्र हैं। साथ ही विभिन्न प्रकार के फल एवं सब्जियां, कलात्मक पुष्प सज्जा, मण्डप, फूलों से सुसज्जित रंगोली, सुकर्तन कला (टॉपियरी) बोनसाई और हरी पत्तियों के संग्रह, मालवीय जी पर आधारित वास्तुकला के नमूने मानव पक्षी एवं जल प्रपात भी आकर्षण हैं।बताया कि प्रदर्शनी में विश्वविद्यालय के अन्य विभाग,छात्रावास,उद्यानों के साथ-साथ वाराणसी जनपद के विभिन्न संस्थाएं,39 जीटीसी छावनी परिसर, उपनिदेशक उद्यान वाराणसी, जिला उद्यान अधिकारी वाराणसी, आजमगढ़, गाजीपुर जौनपुर, मीरजापुर, सोनभद्र, संत रविदास नगर (भदोही) चन्दौली एवं मऊ, डीजल इंजन रेल कारखाना वाराणसी, केन्द्रीय कारागार वाराणसी, जिला कारागार वाराणसी, स्थानीय नर्सरी, होटल ,नागरिक भी इसमें सहभागिता कर रहे है। प्रदर्शनी 27 दिसम्बर तक चलेगी।














Air Balloon festival begins in Varanasi

Ten-day long Hot Air Balloon festival started on the bank of River Ganga in the spiritual city of Varanasi, on Sunday.
A private tour operator - Tour Assistant India - in collaboration with the Uttar Pradesh (UP) Tourism department has taken the initiative in order to explore the scope of adventure tourism in the city.
"It is very affordable and reasonable as the ticket is Rs 500 per head during the trial period. The Hot Air Balloon involves a lot of cost along with several limitations such as weather," he added, while talking about the cost and affordability.
The flying balloons created a big buzz among the tourists and the local residents pulling them to the river bank in Assi Ghat Varanasi.


ग्राम शिल्प महोत्सव

ग्राम शिल्प महोत्सव का आयोजन वाराणसी के नदेसर स्थित कटिंग मेमोरियल ग्राउंड में दिनांक २३ दिसम्बर से १ जनवरी तक के लिए किया गया है प्रातः ११ बजे से रात्रि नौ बजे तक